वो सारा स्वाद एक साथ ना जाने कितने दिनों के बाद मिला है.....साँझ के गहराने से पहले तेंदू पत्ता लाना...तुम्हारी महुआ ...तुम्हारे पास पहुँचाना और फिर....अपने चूल्हे की आंच में तुम्हे खाते देखना....कभी कभी राख में भी सुर्ख फूल नज़र आ जाते हैं......क्या तुम देखते हो...इस देह में...पोर पोर में बस जाती है...महुए...मछली....बेला...गुलाब और मेरे पसीने की गंध....जब बीच में एहसास के लिए कोई हवा भी गुज़र नहीं पाती.....इन सबके बीच मैं बन जाती हूँ.... बस एक ही गंध....तुम्हारी देह की गंध....
क्या तुम बूझ पाओगे...जंगल-जंगल घूमते...महुआ बीनते..किसी ठौर बैठते...घूमते मेरे मन में लगातार क्यागूंजता..तुम....कहीं जाओ....पर घूम-फिरकर...मेरेही पास आने को जी चाहता है....तुम्हारा...क्यूंकि मैं ठीढ हूँ...तुम्हारा रास्ता नहीं छोड़ती...चाहे सपने में ही सही....मैं तुमसे लिपटना चाहती हूँ..लिपटती हूँ...तुम्हे चूमना चाहती हूँ......चूमती हूँ....और तुम्हारे कोमल और नरम हाथों की गरमाहट महसूस करती हूँ...मुझे मालूम है.....कल कल करती मैं बात-बेबात हँसती रहती हूँ ......और जब तुम मुझसे नाराज़ होने का अभिनय करते हो....मैं और हँसती चली जाती हूँ ...कभी कभी तुम्हे सताना..परेशान करना....मेरी साँसों में उष्णता भरता जाता है....तुम मुझे नहीं देख पाते लेकिन.....तुम्हारी आँखों की कोर में जाड़े की सुबह का उजास और गर्मी की शाम की सुरमई चमक एक साथ डोलती है....
मैं तुम्हे बार बार छूना चाहती हूँ......तुम्हारा साथ चाहती हूँ......कभी कभी तो बलखाती, इठलाती-इतराती मैं प्रेम में पगी लड़की की तरह तुम्हारे आगे पीछे बौराती हूँ....पर तुम्हारा अनायास चला जाना.....
महुआ तो चिरयौवना है...उसकी वजह से जंगल की फिजा में यौवन है......मुझमे तुम हो.....और तुममे मैं हूँ.....मैं चित्रकार नहीं होती ....कवी भी नहीं पर फिर भी तुम्हारा ना होना राग जलाता है मेरे भीतर....ये पूरा जंगल....तुम्हारे पीछे देखो तो कैसा सधा नज़र आता है.....शायद मेरे भीतर का ही जंगल बाहर आ जाता है....तुम बूझ नहीं पाओगे....साल दर साल.....मुझमे तुम्हारे वापस आने वाले जीवन के प्रति राग पैदा करती है.....मेरे भीतर बनती जंगली पगडंडियाँ.......
कभी समंदर नहीं देखा ...पर तुम्हारे साथ एक नदी देखी है.....मुहाना देखा है......तुम्हे देखा है......पहाड़ देखे ....जंगल भी देखा है....बस एक दफा तुम भी देख लो वो सब.....जो मैंने देखा है.....!!